राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने पश्चिमी आज़रबाइजान प्रांत के शहर ख़ूई के शहीद चमरान स्टेडियम में भाषण देते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा से दुश्मन, ईरानी राष्ट्र को क्रांति के समर्थन से रोकने में विफल रहे हैं और ईरानी जनता ने 13 आबान बराबर 4 नवम्बर को अमरीका के मुक़ाबले में प्रतिरोध के दिन में परिवर्तित कर दिया और दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब दिया और 22 बहमन बराबर 11 फ़रवरी को भी ईरानी राष्ट्र अमरीका को दोबारा मुंह तोड़ जवाब देगी।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध दुश्मनों के निरंतर षड्यंत्रों की ओर संकेत करते हुए कहा कि दुश्मन समझ रहा था कि ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध आर्थिक दबाव और मनोवैज्ञानिक युद्ध द्वारा अपने लक्ष्य में सफल हो जाएगा और ईरानी राष्ट्र को घुटने टेकने पर विवश कर देगा किन्तु उसका यह सपना चकनाचूर हो गया।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि साम्राज्यवादी यदि ईरान के तेल निर्यात को रोकना, पड़ोसी देशों के साथ उसके संबंध समाप्त करने और ईरानी जनता पर दबाव डालने के प्रयास कर रहे हैं तो उसे जान लेना चाहिए कि ईरानी जनता दुश्मन के हर षड्यंत्रों को विफल बना देगी।
उन्होंने कहा कि आज ईरानी जनता के साथ साथ इराक़, सीरिया, लेबनान, यमन, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और इस्लामी जगत के सभी देशों के राष्ट्र अपने प्रतिरोध और ईमान, इस्लाम और स्वाधीनता की रक्षा पर बल दे रहे हैं और क्षेत्र के सभी राष्ट्र के डटे रहने से साम्राज्यवादी शक्तियों को पराजय का स्वाद चखना पड़ेगा।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस बात पर बल देते हुए कि दुश्मन इस बात से बहुत क्रोधित है कि ईरान ने क्षेत्र में आतंकवादी गुटों को वर्चस्व स्थापित नहीं करने दिया, कहा कि इस्लामी जगत जब भी ईरान की सहायता चाहेगा, इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने दायित्वों पर अमल करेगा और आतंकवादियों के विरुद्ध युद्ध के काल की ही भांति उनकी सहायता करेगा।